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गांव दत्तक ग्रहण

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निफ्टेम द्वारा वर्ष 2012 से अपने विद्यार्थी को नितांत ग्रामीण स्‍तर पर किसानों की समस्‍याओं एवं उनके कार्य व्‍यवहार के प्रति संवेदनशील करने एवं शिक्षा प्रदान करने के दृष्टिकोण के साथ गाँव अंगीकरण के इस अनूठे कार्यक्रम की संरचना की गई है । इसका उद्देश्‍य भारतीय खाद्य प्रसंस्‍करण के लिए सर्वांगीण विकास के लक्ष्‍य की पूर्ति करने में सहायता प्रदान करना तथा हमारे देशवासियों में से शोषित वर्ग को अर्थव्‍यवस्‍था की मुख्‍य धारा से जोड़ने के उद्देश्‍य से उनके एकीकरण की प्रक्रिया को सुगम बनाना है ।

गाँव अंगीकरण कार्यक्रम की रूपरेखा:

  • निफ्टेम में प्रवेश के समय स्नातक (खाद्य प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन) तथा स्नातकोतर (एम. टैक ऐवम एम.बी.ए) के विद्यार्थीयों को इस पाठ्यक्रम के अंतर्गत 15 से 20 विद्यार्थीयों के समूह में विभाजित किया जाता है ।
  • प्रत्‍येक समूह एक संकाय सदस्‍य (मेंटर) के मार्गदर्शन में कार्य करता है । तथा भारत के किसी भी गाँव को अपने अध्‍ययन को 2-3 साल के लिए सेवा हेतु अंगीकृत करता हैं ।
  • विद्या‍र्थी वर्ष में दो बार : प्रत्‍येक सत्र में 10 से 12 दिन के लिए चयनित गाँव में निवास करते हैं । यह ज्ञान विनिमय के उद्देश्‍य से सहजीवन की एक प्रक्रिया है:
  • जहां ग्रामीणों को विद्यार्थीयों से वैज्ञानिक एवं तकनीकी ज्ञान उपलब्‍ध होगा जिससे जहां उनके मध्‍य खाद्य प्रसंस्‍करण की संभावनाएं प्रबल होगीं वहीं विद्यार्थीयों को भी भारतीय ग्रामीण परिवेश की जानकारी प्राप्‍त होगी तथा वे ग्रामीणों द्वारा अपनाई जा रही पारम्‍परिक प्रसंस्‍करण विधाओं की जानकारी प्राप्‍त कर सकेगें ।
  • विद्यार्थीयों में ग्रामीण जीवन के संबंध में सामान्‍य जागरूकता उत्‍पन्‍न होगी तथा वे हमारे देश में समाज के शोषित वर्ग को विकास की मुख्‍य धारा के साथ जोड़ने में सहायक बन सकेगें ।
  • विद्यार्थी “राष्‍ट्र निर्माण” के प्रति अपना योगदान देने के लिए प्रेरित होते हैं ।

गाँव अंगीकरण प्रक्रिया के चरण :

  • विद्यार्थीयों को एक गाँव का चयन करना होगा तथा उन्‍हें पहले सत्र के प्रारम्‍भ में कार्य योजना तैयार करनी होगी तथा सत्र के दौरान 7 से 10 दिन की अवधि के लिए ग्रामीण पृष्‍ठभूमि में कार्य करना होता हैं ।
  • विद्यार्थी के मार्गनिर्देशन में समूह में कार्य करते हैं तथा 2-3 वर्ष के लिए खाद्य प्रसंस्‍करण सेक्‍टर के लिए उद्यम प्रौन्‍नति हेतु स्‍थानीय संसाधनों एवं अवसरों की खोज सहित सजीव ग्रामीण विकास योजना का विकास करते हैं ।
  • खाद्य प्रसंस्‍करण एवं इससे प्राप्‍त होने वाले लाभों के प्रति किसानों एवं स्‍थानीय युवाओं में संवेदना जागृत करना तथा प्रशिक्षित करना - किसानों तथा स्‍थानीय युवाओं को उत्‍पादक कम्‍पनी एवं लघु खाद्य प्रसंस्‍करण यूनिटों की स्‍थापना के लिए प्रोत्‍साहित करना । इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य हैं ।
  • किसानों के लिए उपकरणों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराये जाते हैं ।
  • परम्‍परागत खाद्य उत्‍पादन प्रक्रियाओं / खाद्य संरक्षण / खाद्य की परम्‍परागत विधियों इत्‍यादि के संबंध में एक कैटेलॉग (सूची) तैयार किया जाना ।
  • भंडारण समय इत्‍यादि में वृद्धि के लिए बुनियादी प्रसंस्‍करण एवं मूल्‍य संवर्धित तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान करना ।
  • उत्‍तम कृषि प्रक्रियाओं (जीएपी) को प्रौन्‍नत करना ।
  • गाँव का गहन सर्वेक्षण करना तथा जनसंख्‍या के आंकड़े रिकार्ड करते हुए सांख्यिकी आधार तैयार करना ।
  • अत्‍याधिक जुड़ाव, माइक्रो क्रेडिट, सरकारी नीतियों की उपलब्धि के माध्‍यम से संसाधन संगठित करना ।
  • प्रत्‍येक सत्र के अंत में तैयार करके रिपोर्ट प्रस्‍तुत करना ।
  • इसके अतिरिक्‍त, जिस दौरान ये ग्रुप गांव में होगें उस दौरान निफ्टेम के प्रोफेसर एवं वरिष्‍ठ अधिकारियों के समूह द्वारा उन्‍हें मार्गदर्शन देने एवं उनके कार्यों की प्रगति का मूल्‍यांकन करने के लिए गाँव का दौरा किया जाता हैं ।

गाँव अंगीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत किए गए कार्य :

गाँव अंगीकरण कार्यक्रम के प्रथम सत्र (29.10.2012-03.11.2012) की सफलता से प्रेरित होकर निफ्टेम द्वारा अब तक नवोपाय कार्यक्रमों के नियमित रूप से दौरे किए जाने का कार्य प्रारम्‍भ किया गया है । अब तक बारह दौरे किए जा चुके हैं जिनमें से दूसरा (11 से 16 मार्च 2013), तीसरा (30 जून से 09 जुलाई, 2013), चौथा (19 से 27 अक्‍तूबर, 2013), पांचवा (23 से 29 दिसम्‍बर, 2013, छठा (02 से 11 मार्च, 2014), सातवां (17 से 26 सितम्‍बर,2015), आठवां दौरा (15 से 24 मार्च 2015), नौवां दौरा (21 से 30 सितम्‍बर,2015), दसवां दौरा (4 से 13 अप्रैल,2016), ग्यारवा दौरा (12 से 17 नवंबर,2016) तथा बारवा दौरा (29 मार्च से 3 अप्रैल,2017) किया गया । अब तक ग्राम अंगीकरण कार्यक्रम के दौरान निफ्टेम द्वारा 19 राज्यों में 40 से अधिक गावो में उन्नति के काम कराये जा चुके हैं और कराये जा रहे हैं ।

प्रमुख उपलब्धियों का संक्षिप्‍त विवरण निम्‍नानुसार है :-

  • खाद्य प्रस्‍संकरण प्रौन्‍नति प्रयास
  • उद्यम-वृत्ति उद्यमी विकास
  • परियोजना रिपोर्टें तैयार करना
  • उत्‍पाद विकास प्रक्रिया
  • बाजार श्रंखला विकास
  • पारम्‍परिक ज्ञान को सूचीबद्ध करना
  • गाँव अंगीकरण कार्यक्रम के माध्‍यम से भारत में निर्माण प्रोत्‍साहित करना
  • ग्रामीण समस्‍याओं का निपटान
  • गाँव अंगीकरण कार्यक्रम के माध्‍यम से स्‍वच्‍छ भारत अभियान
  • अक्षय ऊर्जा प्रयोग को प्रोत्‍साहित करने के प्रयास

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